वनजा इन्वायरमेंंट एंड साइंस सेंटर सोसायटी होशंगाबाद (नर्मदापुरम) एक अग्रणी स्वयंसेवी संस्था है। वनजा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण, आदिवासी विकासखंडों तथा निम्न साक्षरता वाले क्षेत्रों के समाज में वैज्ञानिक तार्किक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित एवं प्रचारित करना है।
देश को विज्ञान में आगे लाने के लिये बच्चों के मन में विज्ञान शिक्षा के प्रति व्याप्त भय को दूर करना नितांत जरूरी है। इसके लिये वनजा द्वारा विज्ञान शिक्षा के सरलीकरण, दैनिक जीवन के व्यावहारिक प्रयोगों एवं विद्यार्थियों में स्वाभाविक रुचि बढ़ाने के लिये जमीनी स्तर पर अनेक नवाचारी प्रयास किये जा रहे हैं।
वनजा इन्वायरमेंंट एंड साइंस सेंटर सोसायटी से देश के अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, उत्कृष्ट विज्ञान संचारक तथा वैज्ञानिक संस्थान एक सशक्त नेटवर्क के रूप में जुड़े हैं, जिनके माध्यम से वैज्ञानिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को निरंतर अधिक प्रभावपूर्ण तरीके से क्रियान्वित किया जा रहा है।
वनजा इन्वायरमेंट एंड साइंस सेंटर सोसायटी एक ऐसी स्वयंसेवी संस्था है जिसमें महामहिम राज्यपाल तथा राष्ट्रपति सम्मान, नवाचारी विज्ञान शिक्षक पुरस्कार तथा राज्य स्तरीय श्रेष्ठ विज्ञान संचारक सम्मान प्राप्त समर्पित शिक्षकों का निरंतर मार्गदर्शन मिल रहा है। ये शिक्षक स्वयं ग्रामीण क्षेत्रों तथा आदिवासी विकासखंडों में ही दीर्घकाल तक सेवारत रहे हैं।
शून्य एवं न्यून लागत प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान की संकल्पनाओं को सहज और रुचिकर बनाना।
कथित चमत्कारों और तांत्रिक पाखंडों के पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों का सीधा प्रदर्शन।
नेचर कैंप, वनों व नदियों का संरक्षण, और 89 आदिवासी विकासखंडों में जन-जागरूकता अभियान।
पारंपरिक कठपुतली नाटक एवं आंचलिक लोकगीतों के माध्यम से जनमानस तक संदेश पहुंचाना।
मध्य प्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत एवं केंद्र व राज्य सरकार के प्राधिकृत पोर्टलों पर सूचीबद्ध
पंजीयन दिनांक: 27 अक्टूबर 2014 (27/10/2014)
मध्य प्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण एक्ट के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत गैर-लाभकारी संस्था।
दर्पण पोर्टल: सत्यापित एवं अधिकृत
भारत सरकार नीति आयोग के एनजीओ दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत एवं सक्रिय स्वयंसेवी संस्था।
प्रणाली: वित्त मंत्रालय (PFMS)
पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम पर सूचीबद्ध, वित्तीय शुचिता एवं पूर्ण पारदर्शिता।
विस्तार: समस्त 55 जिले व आदिवासी संभाग
मध्य प्रदेश के सभी ग्रामीण, आदिवासी एवं नगरीय क्षेत्रों में कार्य करने का पूर्ण अधिकार।